August 7, 2022
यूपी से दिल्ली तक न्याय की गुहार….

यूपी से दिल्ली तक न्याय की गुहार….

यूपी से दिल्ली तक न्याय की गुहार….

आखिरकार कब मिलेगा न्याय….

उत्तर प्रदेश सब इंस्पेक्टर भर्ती को लेकर कई तरह की विसंगतियां उत्पन्न हो रही है जिस तरह से यूपीएसआई भर्ती में भ्रष्टाचार नियामक कार्य करने वालों का मनोबल बढ़ता ही जा रहा है यह समाचार हमारे संवाददाता द्वारालखनऊ से इको गार्डन मैं 2 माह से अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन से आहत होकर हमारे न्यूज़ चैनल न्यूज़ 82 एक्सप्रेस को बताया गया कि यह अनैतिक भ्रष्टाचार कई बड़े अधिकारियों की मिली जुली साजिश है और शासन-प्रशासन किसी का भी ध्यान आकर्षित नहीं हो रहा है और यह ऐसा भ्रष्टाचार है जिसका अनुमान की सीमा नहीं है इस भ्रष्टाचार के खिलाफ पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने भी इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई लेकिन इसका परिणाम कुछ और ही निकला अमिताभ ठाकुर को आवाज बुलंद ना करने की हिदायत देते हुए कई बार उन्हें जान से मारने तक की धमकियां दी गई और पुलिस बल द्वारा साजिश रचित तौर पर उनके घर पर गिरफ्तार भी किया गया इस भर्ती के पीछे किसी बड़ा हाथ होने का सवाल खड़ा होता है यूपीएसआई घोटाले को लेकर यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के चेयरमैन आरके विश्वकर्मा भी सवालों के घेरे में हैं उन पर भर्ती को पारदर्शिता से ना करवाने का कई तरह आरोप लगा है दरअसल जब यूपीएसआई परीक्षा के लिए टेंडर निकाला गया तब दो कंपनियों ने उस टेंडर को लेने के लिए दो आवेदन दिएTCI कंपनी और NSEIT

  1. टीसीएस कंपनी ने 2017 में यूपीएसआई की परीक्षा का आयोजन पारदर्शिता तरीके से किया था लेकिन इस बार टीसीएस को टेंडर न देकर NSEIT को दे दिया गया जो कि मध्य प्रदेश से लेकर कई राज्यों में ब्लैक लिस्ट यह कंपनी है जिस पर कई तरह की धांधली करने के बड़े आरोप भी हैं इस इस कंपनी को बड़े परीक्षाओं का अनुभव नहीं है फिर भी इस कंपनी को टेंडर दिया गया यह सब मिलीभगत की गई और यूपी एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में एक बड़े पैमाने पर गलत तरीके से अभ्यर्थियों का चयन किया गया

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