नक्सली साए में रहे 62 गांवों के बच्चे पहली बार देखेंगे फहरता हुआ तिरंगा

छत्तीसगढ़ मुख्य समाचार

सुकमा. छत्तीसगढ के बस्तर संभाग के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के 62 गांवों के 300 आदिवासी बच्चे कल जिंदगी में पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहरते हुए देखेंगे।
कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने बताया कि जिला प्रशासन की इस अभिनव पहल के लिए अत्यंत संवेदनशील कोंटा विकासखण्ड के अंदरूनी हिस्सों के करीब 300 बच्चों को योजना के पहले चरण के तहत कुछ दिन पहले जिला मुख्यालय लाया गया, इन बच्चों ने हमेशा नक्सली तांडव ही देखे थे, पहली बार बस में चढ़ कर बाहरी दुनिया देखी। अब इनकी मानसिकता में बदलाव लाने की कोशिश की जा रही है।